धारा 1(5) BNS VS धारा 4 IPC: राज्यक्षेत्रातीत अपराधों पर विस्तार
सजा (Punishment)
लागू नहीं (अधिकार क्षेत्र)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 4
इस संहिता के उपबंध भारत के बाहर किसी स्थान में भारत के किसी नागरिक द्वारा किए गए किसी अपराध को भी लागू हैं।
BNS (नया कानून)
धारा 1(5)
इस संहिता के उपबंध भारत के बाहर किसी स्थान में (क) भारत के किसी नागरिक द्वारा, (ग) किसी व्यक्ति द्वारा भारत में स्थित कंप्यूटर संसाधन को लक्षित करने वाले अपराध को भी लागू हैं।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
सबसे महत्वपूर्ण अद्यतन यह है कि BNS स्पष्ट रूप से भारत में स्थित कंप्यूटर संसाधनों (Computer Resources) को लक्षित करने वाले भारत के बाहर के किसी भी व्यक्ति के साइबर अपराधों को इसमें शामिल करता है।
IPC धारा 4 और BNS धारा 1(5) की तुलना
| IPC धारा 4 | BNS धारा 1(5) |
|---|---|
| नागरिकों और जहाजों पर क्षेत्राधिकार। | साइबर अपराधों (भारत के कंप्यूटर संसाधनों को लक्षित) को जोड़ा गया। |