धारा 189 (4) BNS VS धारा 143 IPC: विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य होने के लिए दंड

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 143

जो कोई विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य होगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

BNS (नया कानून)

धारा 189 (4)

जो कोई विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य होगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

आपने देखा होगा पुलिस लाठीचार्ज से पहले 'धारा 144' लगाती है। जब वहां 'अवैध भीड़' बनती है, तो उस भीड़ के हर एक सदस्य पर BNS 189(4) (पहले IPC 143) के तहत मामला दर्ज होता है, जिसकी सजा 6 महीने की जेल है।

तुलना

अवैध भीड़ का हिस्सा बनने की सजा समान है।

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