धारा 198 (BNS Chapter 11) VS धारा 166 IPC: लोक सेवक जो किसी व्यक्ति को क्षति पहुंचाने के आशय से विधि की अवज्ञा (Disobeys law) करता है
सजा (Punishment)
सादा (Simple Imprisonment)
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 166
जो कोई लोक सेवक (Public Servant) होते हुए… यह जानते हुए कि इस अवज्ञा से किसी को क्षति पहुंचेगी, कानून द्वारा निर्धारित किसी दिशा-निर्देश की अवज्ञा करेगा… (1 वर्ष का कारावास)।
BNS (नया कानून)
धारा 198 (BNS Chapter)
जो कोई लोक सेवक होते हुए… विधि के ऐसे किसी निदेश की… जो इस बारे में हो कि उसे किस ढंग से आचरण करना है… साशय अवज्ञा करेगा… (1 वर्ष)। BNS में इसे अध्याय 11 के तहत रखा गया है (Section mapping for 166 relates directly to disobeying law). *Note: BNS section numbering for public servant offences ranges 198-205.* (We map it conceptually to Public Servant offences).
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यदि कोई सरकारी अफसर जानबूझकर कानून के नियमों का उल्लंघन करता है जिससे आम नागरिक को नुकसान (क्षति) हो, तो उस अधिकारी को IPC 166 (अब BNS के लोक सेवक अध्याय) के तहत 1 साल की जेल हो सकती है।
तुलना
अधिकारियों की मनमानी और विधि के उल्लंघन पर रोक लगाने का प्रावधान।