धारा 218-219 BNS VS धारा 183-184 IPC: लोक सेवक के वैध प्राधिकार द्वारा संपत्ति (Property) के लिए जाने या विक्रय (Sale) का प्रतिरोध
सजा (Punishment)
साधारण
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 183/184
183: लोक सेवक द्वारा कानूनी जब्ती (Taking property) का प्रतिरोध (6 मास)। 184: लोक सेवक द्वारा संपत्ति की नीलामी/विक्रय (Sale) में बाधा डालना (1 मास)।
BNS (नया कानून)
धारा 218/219
218: लोक सेवक द्वारा कानूनी जब्ती का प्रतिरोध करना (6 मास + ₹10k)। 219: लोक सेवक द्वारा संपत्ति की नीलामी में बाधा डालना (1 मास + ₹5k)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यदि पुलिस 'कुर्की' कराने या कोर्ट के आदेश से आपकी प्रॉपर्टी जब्त/नीलाम करने आती है। अगर आप पुलिस/तहसीलदार के काम में अड़चन डालते हैं कि 'मैं अपना घर नीलाम नहीं होने दूंगा' तो IPC 183/184 (अब BNS 218/219) के तहत आप पर अलग से 6 महीने की सजा का केस दर्ज होगा।
तुलना
कानूनी नीलामी या जब्ती का प्रतिरोध। जुर्माने की राशि अत्यधिक बढ़ाई गई है।