धारा 243-245 BNS VS धारा 206-208 IPC: संपत्ति को कुर्की (Seizure) से बचाने के लिए कपटपूर्ण उपाय / फर्जी डिक्री
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 206-208
206: संपत्ति को कुर्की या जब्ती से बचाने के लिए उसे हटाना/छिपाना (2 वर्ष)। 207: संपत्ति पर कपटपूर्ण (Fraudulent) दावा करना। 208: किसी ऐसे धन के लिए कपटपूर्ण डिक्री (Decree) सहन करना जो देय नहीं है (2 वर्ष)।
BNS (नया कानून)
धारा 243-245
243: संपत्ति को कुर्की से बचाने के लिए उसे हटाना/छिपाना (2 वर्ष)। 244: संपत्ति पर कपटपूर्ण दावा करना। 245: कपटपूर्ण डिक्री सहन करना।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
कर्जदार की चालाकी (Debtor's Fraud)! जब बैंक या कोर्ट किसी डिफॉल्टर की प्रॉपर्टी या कार 'जब्त/कुर्क' (Attach/Seize) करने वाली हो, और वह व्यक्ति रात के अंधेरे में अपनी कार किसी दोस्त के घर छिपा दे या प्रॉपर्टी को पिछले डेट में अपनी बीवी के नाम 'फर्जी गिफ्ट' कर दे... तो बैंक BNS 243 (IPC 206) के तहत उस पर 2 साल जेल का केस कर सकता है।
तुलना
देनदारी (Liability) से बचने के लिए संपत्ति का फर्जी हस्तांतरण (Fraudulent Transfer)।