धारा 268 BNS VS धारा 239-243 IPC: कूटकृत सिक्के (Counterfeit coin) का असली के रूप में परिदान (Delivery) / Possession
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट / प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 239-243
239: जानते हुए कि सिक्का जाली है, उसे दूसरे को देना (5 वर्ष)। 240: (भारतीय सिक्के पर) 10 वर्ष। 242/243: जानते हुए जाली सिक्के को अपने पास रखना (Possession) (3-7 वर्ष)।
BNS (नया कानून)
धारा 268
268: कूटकृत सिक्के (जाली सिक्के) को असली के रूप में परिदान (Deliver) करना या कपटपूर्वक अपने कब्जे (Possession) में रखना… (भारतीय सिक्के में 10-7 वर्ष, अन्य में 5-3 वर्ष)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
बाजार में नकली सिक्का चलाना! यदि आपको पता है कि आपकी जेब में पड़ा 20 रुपये का सिक्का 'जाली' (Fake) है, और फिर भी आप चालाकी से उसे सब्जी वाले को 'असली' बताकर चला देते हैं (Delivery), तो यह BNS 268 के तहत 'धोखाधड़ी' के साथ-साथ जाली करेंसी चलाने का अपराध है (5 से 10 साल सजा)।
तुलना
बाजार में जाली सिक्के चलाने और उन्हें अपने पास (Possession) रखने के सभी पुराने सेक्शन (239-243) BNS 268 में मर्ज हो गए हैं।