धारा 285 BNS VS धारा 270 IPC: परिद्वेषपूर्ण कार्य (Malignant act) जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभाव्य हो
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 270
जो कोई परिद्वेष (Malignantly – बुरे इरादे से) से ऐसा कार्य करेगा… जिससे वह जानता हो कि उसे किसी जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभाव्य है… 2 वर्ष या जुर्माना।
BNS (नया कानून)
धारा 285
जो कोई परिद्वेष से कोई ऐसा कार्य करेगा… जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभाव्य है… (2 वर्ष या जुर्माना या दोनों)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
जानबूझकर बीमारी फैलाना (Bio-Terror)! IPC 269 में लापरवाही (Negligence) थी, लेकिन BNS 285 (IPC 270) में व्यक्ति 'दुर्भावना (Malignant intent)' से ऐसा करता है। उदाहरण - किसी संक्रमित (HIV/Covid) व्यक्ति का यह सोचना कि 'जब मैं मर रहा हूँ, तो इन्हें भी बीमारी दे दूँ' और अस्पतालों में थूकना। इसके लिए 2 साल की सख्त सजा है।
तुलना
नेग्लिजेंस (IPC 269-6 महीने) और दुर्भावना (IPC 270- 2 साल) के बीच का अंतर सजा को 4 गुना बढ़ा देता है।