धारा 127 BNS VS धारा 342-348 IPC: सदोष परिरोध (Wrongful confinement) के विभिन्न प्रकार व दंड
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
शमनीय (केवल 342 के लिए, बाकी गैर-शमनीय)
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 342-348
342: सदोष परिरोध के लिए दंड (1 वर्ष)।
343: 3 या अधिक दिनों का परिरोध (2 वर्ष)।
344: 10 या अधिक दिनों का परिरोध (3 वर्ष)।
346: गुप्त स्थान पर परिरोध (Secret confinement – अतिरिक्त 2 वर्ष)।
347: संपत्ति ऐंठने (Extort property) के लिए परिरोध (3 वर्ष)।
BNS (नया कानून)
धारा 127
127(2): सदोष परिरोध (1 वर्ष)।
127(3): 3 से अधिक दिन (2 वर्ष)।
127(4): 10 से अधिक दिन (3 वर्ष)।
127(5): ऐसा व्यक्ति जिसे मुक्त करने की रिट (Writ) निकल चुकी हो (2 वर्ष)।
127(6): गुप्त स्थान में परिरोध (Secret confinement) (2 वर्ष)।
127(7): संपत्ति ऐंठने (Extort) के लिए परिरोध (3 वर्ष)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
कमरे में बंधक बनाने की सजा! (Punishment for Confinement)। अगर आपने किसी लड़के या लड़की को कमरे में ज़बरदस्ती ताला लगाकर 1 दिन के लिए बंद (Hostage) किया, तो BNS 127(2) में 1 साल की सजा है। यदि आपने उसे 3 दिन से ज़्यादा बंदी बनाए रखा तो सजा बढ़कर '2 साल' हो जाएगी। और यदि 10 दिन से ज़्यादा के लिए अंधियारे कमरे में कैद (Confinement for ten days) रखा है, तो सीधा 3 साल की जेल होगी। फिरौती (Extortion) के लिए कैद करना भी संगीन जुर्म माना गया है।
तुलना
BNS ने IPC (342 से 348) के सभी सदोष परिरोध (Wrongful Confinement) के दंडात्मक प्रावधानों को एक ही विशाल धारा BNS 127 के विभिन्न उप-खंडों (Sub-sections) में समेट दिया है।