धारा 140(2) BNS बनाम धारा 364A IPC: मुक्तिधन (Ransom) आदि के लिए व्यपहरण

सजा (Punishment)

मृत्यु दंड या आजीवन कारावास

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

सेशन कोर्ट

IPC (पुराना कानून)

धारा 364A

जो कोई किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण (Kidnaps or abducts) करता है… और मुक्तिधन (Ransom) देने के लिए विवश करने हेतु… मृत्यु या घोर उपहति कारित करने की धमकी देता है… मृत्यु दंड या आजीवन कारावास, और जुर्माने से दंडित।

BNS (नया कानून)

धारा 140(2)

140(2): जो कोई किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण करता है… और मुक्तिधन (Ransom) देने के लिए विवश करने हेतु… मृत्यु या घोर उपहति कारित करने की धमकी देता है… मृत्यु दंड (Death) या आजीवन कारावास (Life Imprisonment), और जुर्माने से दंडित।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

फिरौती (Ransom) के लिए अपहरण और फांसी की सजा! अपहरण का सबसे खूंखार रूप है फिरौती मांगना। अगर कोई गिरोह किसी व्यापारी या बच्चे को किडनैप कर ले और फोन करके कहे '2 करोड़ रुपये दो (Ransom), वरना हम इसे मार देंगे या इसका हाथ काट देंगे'। इसे कानून में आतंक के बराबर माना जाता है। ऐसे अपहरणकर्ताओं के लिए BNS 140(2) (पुरानी IPC 364A) में सीधे 'फांसी की सजा (Death Penalty)' या उम्रकैद का प्रावधान है। इसमें कोई जमानत नहीं होती।

तुलना

Ransom (पैसे/फिरौती) के लिए अपहरण करने पर मौत की सजा (Capital Punishment) का प्रावधान BNS में भी बरकरार है।

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