धारा 144 BNS बनाम धारा 369-371 IPC: 10 वर्ष से कम आयु वाले बालक का व्यपहरण (Kidnapping child under 10) / दासों (Slaves) का क्रय-विक्रय (Selling slaves)
सजा (Punishment)
कठोर कारावास
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 369-371
369: 10 वर्ष से कम आयु के बालक का चोरी (Theft) करने के लिए व्यपहरण… 7 वर्ष।
370: किसी व्यक्ति को दास के रूप में क्रय/विक्रय (Buying/Selling as slave)… 7 वर्ष। (Note: 370 was later amended heavily for Trafficking).
371: दासों का अभ्यासतः (Habitually) व्यापार… आजीवन कारावास।
BNS (नया कानून)
धारा 140(5) / 144
BNS 140(5) [पुराना 369]: 10 वर्ष से कम आयु के बालक का चोरी के आशय से व्यपहरण… (7 वर्ष)।
BNS 143/144 Deals with Human Trafficking and Exploitation including treating a person as a slave comprehensively.
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
गहनों के लिए बच्चे चुराना! (Kidnapping for stealing jewelry)। त्योहारों या मेलों-ठेलों में कुछ चोर 10 साल से छोटे बच्चों को सिर्फ इसलिए उठा ले जाते हैं क्योंकि बच्चे ने सोने की चेन (Gold Chain) या कड़े पहने होते हैं (IPC 369 / BNS 140-5)। वहीं, इंसानों की खरीद-फरोख्त (Buying/Selling slaves / BNS 144) सभ्य समाज के माथे पर कलंक है। BNS ने IPC के इन पुराने (1860 के ज़माने के) क्लॉज़ को आधुनिक 'ह्यूमन ट्रैफिकिंग (Human Trafficking)' कानूनों में ढाल लिया है जिसमें उम्रकैद (Life Imprisonment) तक की सख़्त सजा है।
तुलना
बच्चे को आभूषण (Ornaments) चुराने के लिए अगवा करना BNS 140(5) में 7 वर्ष की सजा के साथ रखा गया है।