धारा 316(5) BNS बनाम धारा 409 IPC: लोक सेवक, या बैंकर, या अभिकर्ता (Agent) द्वारा आपराधिक न्यास भंग
सजा (Punishment)
आजीवन कारावास या 10 वर्ष
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 409
जो कोई लोक सेवक (Public servant) के नाते, या बैंकर, व्यापारी या अभिकर्ता (Agent) के रूप में… आपराधिक न्यास भंग करेगा, वह आजीवन कारावास (Life imprisonment) से या 10 वर्ष तक के कारावास से, और जुर्माने से दंडनीय होगा।
BNS (नया कानून)
धारा 316(5)
316(5): लोक सेवक, या बैंकर, व्यापारी या अभिकर्ता द्वारा न्यास भंग… आजीवन कारावास या 10 वर्ष के कारावास और जुर्माने से दंडित।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
सरकारी अफ़सर या बैंकर द्वारा महा-घोटाला! (Public Servant Breach)। जब आम जनता का पैसा किसी सरकारी अधिकारी (SDM/Clerk), बैंक मैनेजर (Banker), या बड़े दलाल (Broker) को सौंपा जाता है और वह उस हज़ारों/करोड़ों के फंड का गबन (Scam) कर दे। यह सबसे संगीन 'अमानत में खयानत' (IPC 409 / BNS 316-5) है क्योंकि इसमें 'पब्लिक' का भरोसा टूटता है। इस वाइट-कॉलर क्राइम (White collar crime) में सीधे 'उम्रकैद' या 10 साल की 'गैर-जमानती' (Non-bailable) कठोर जेल होती है। बड़े पॉलिटिशियन और अफसर अक्सर इसी धारा में नपते हैं।
तुलना
यह Breach of Trust का सबसे गंभीर रूप है। इसमें आजीवन कारावास (Life Imprisonment) तक की सजा हो सकती है। इसे BNS 316(5) में हूबहू रखा गया है।
Editor-in-Chief Pramod
Founder and Editor-in-Chief at StudyHub. Pramod has spent over 7 years tracking Indian government recruitments and analyzing exam trends. He oversees the StudyHub editorial board, managing a dedicated team of subject-matter experts across History, Polity, Geography, Geology, and General Sciences. His mission is to ensure that every job alert and study resource published on StudyHub is 100% verified, accurate, and helpful for competitive exam aspirants.