धारा 317(2) BNS बनाम धारा 411 IPC: चुराई हुई संपत्ति बेईमानी से प्राप्त करना (Dishonestly receiving stolen property)
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
शमनीय (अनुमति से)
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 411
जो कोई किसी चुराई हुई संपत्ति (Stolen property) को, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चुराई हुई संपत्ति है, बेईमानी से प्राप्त करेगा (Receives or retains)… 3 वर्ष के कारावास या जुर्माने से दंडित।
BNS (नया कानून)
धारा 317(2)
317(2): जो कोई किसी चुराई हुई संपत्ति को… बेईमानी से प्राप्त करेगा या रखेगा… 3 वर्ष के कारावास या जुर्माने से या दोनों से दंडित।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
चोरी का माल ख़रीदना! (Receiving Stolen Property)। चोर को तो सज़ा मिलती ही है, लेकिन जो व्यक्ति (जैसे कोई मोबाइल दुकानदार या कबाड़ी) 'चोरी का माल' 2000 रुपये में ख़रीद (Receive) लेता है, यह 'जानते हुए' (Knowledge) कि यह माल चोरी का है (Stolen Property)। तो उस डीलर/दुकानदार पर IPC 411 (नई BNS 317-2) का गैर-जमानती केस बनता है। इसमें भी 3 साल की वैसी ही 'कठोर' सज़ा हो सकती है जैसी मुख्य चोर को (379) होती है।
तुलना
चोरी के माल को ‘सस्ते में खरीदने’ (Receivers of stolen property) वाले लोग ही चोरी को बढ़ावा देते हैं। इसलिए IPC 411 (BNS 317) इसे 3 साल के दंडनीय अपराध के रूप में कड़ाई से लागू करता है।