धारा 318(1) BNS बनाम धारा 415 IPC: छल (Cheating) की परिभाषा

सजा (Punishment)

परिभाषा

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय (मुख्यतः गैर-संज्ञेय, FIR 420/BNS 318(4) के साथ होती है)

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 415

जो कोई किसी व्यक्ति से प्रवंचना (Deceit) कर उस व्यक्ति को, जिसे इस प्रकार प्रवंचित किया गया है, कपटपूर्वक (Fraudulently) या बेईमानी (Dishonestly) से उत्प्रेरित करता है कि वह कोई संपत्ति किसी व्यक्ति को परिदत्त कर दे (Deliver)… या कोई ऐसा कार्य करे जो वह अन्यथा न करता… और जिससे उसे मानसिक/शारीरिक या संपत्ति संबंधी नुकसान हो… वह ‘छल (Cheating)’ करता है।

BNS (नया कानून)

धारा 318(1)

318(1): जो कोई किसी व्यक्ति से प्रवंचना कर उस व्यक्ति को… कपटपूर्वक या बेईमानी से उत्प्रेरित करता है कि वह कोई संपत्ति परिदत्त कर दे… छल करता है।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

धोखाधड़ी (Cheating) क्या है! मान लीजिए 'A' एक नकली सोने की अंगूठी को 'असली सोना' (Deceit/झूठ) बताकर 'B' को बेच देता है और 50,000 रुपये ले लेता है। यहाँ 'A' ने 'B' को धोखा देकर उससे 'बेईमानी' से पैसे (Property) ऐंठ लिए। या कोई कस्टमर केयर के नाम पर OTP मांग कर बैंक खाते से पैसे निकाल ले। यह सब 'धोखाधड़ी' या 'छल (Cheating)' कहलाता है (IPC 415 / BNS 318-1)।

तुलना

Cheating की परिभाषा का दायरा बहुत बड़ा है, जिसमें ऑनलाइन फ्रॉड से लेकर नकली चेक (Fake Check), और झूठे वादे (False Promises) तक सब कुछ आता है। BNS 318(1) में यह परिभाषा जस की तस है।

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