धारा 336(2) BNS बनाम धारा 465 IPC: कूटरचना (Forgery) के लिए दंड

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 465

जो कोई कूटरचना (Forgery) करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 2 वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

BNS (नया कानून)

धारा 336(2)

336(2): जो कोई कूटरचना करेगा, वह 2 वर्ष तक के कारावास से, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

फ़र्ज़ी साइन करने की सजा! (Punishment for Forgery)। अगर आप स्कूल की छुट्टी की एप्लीकेशन में प्रिंसिपल के नकली साइन कर देते हैं (छोटे स्तर की जालसाज़ी), या बिना आर्थिक लाभ के किसी को परेशान करने के लिए झूठा लेटरहेड छाप देते हैं। तो 'सामान्य कूटरचना (General Forgery)' के लिए IPC 465 (BNS 336-2) लगाई जाती है, जिसमें अधिकतम 2 साल की जमानती सज़ा और जुर्माना होता है।

तुलना

सामान्य जालसाज़ी (Simple Forgery) के लिए 2 वर्ष का कारावास दंड BNS 336(2) में अविकल रूप से लागू है।

Scroll to Top