अध्याय XXVI

CrPC Section 348 in Hindi: क्षमा याचना प्रस्तुत करने पर अपराधी का उन्मोचन

New Law Update (2024)

धारा 413 बी.एन.एस.एस.

TRIAL COURT

Punishment​

प्रक्रियात्मक – विचारण / आरोप

Cognizable?

Bailable?

Compoundable?

Bare Act Text

जब कोई न्यायालय धारा 345 के अधीन किसी अपराधी को दण्डित कर चुका है, या धारा 346 के अधीन उसे विचारण के लिए किसी मजिस्ट्रेट के पास भेज चुका है, किसी ऐसी बात को करने से इन्कार करने या उसका लोप करने के लिए जिसे करने की उससे विधिपूर्वक अपेक्षा की गई थी या किसी साशय अपमान या विघ्न के लिए, तब न्यायालय स्वविवेकानुसार अपराधी का उन्मोचन कर सकेगा या दण्ड का परिहार कर सकेगा ऐसे न्यायालय के आदेश या अध्यपेक्षा के प्रति उसके निवेदन पर या न्यायालय को समाधानप्रद रूप में क्षमा याचना किए जाने पर।

Important Sub-Sections Explained

Landmark Judgements

Draft Format / Application

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