धारा 105 BNS VS धारा 304 IPC: हत्या की कोटि में न आने वाले आपराधिक मानव वध (Culpable homicide not amounting to murder) के लिए दंड
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 304
हत्या की कोटि में न आने वाला आपराधिक मानव वध… (Part I – Intention/आशय): आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक सादा/कठोर कारावास। (Part II – Knowledge/ज्ञान): 10 वर्ष तक कारावास या जुर्माना या दोनों।
BNS (नया कानून)
धारा 105
हत्या की कोटि में न आने वाला आपराधिक मानव वध… (Part 1 – Intention): आजीवन या 10 वर्ष। (Part 2 – Knowledge without Intention): 10 वर्ष।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
गैर-इरादतन हत्या की सजा! (Punishment for Culpable Homicide)। अगर अचानक हुए झगड़े में (बिना प्री-प्लानिंग) किसी ने डंडा मारा और सामने वाला मर गया (IPC 300 के Exception में)। तो कोर्ट उसे BNS 105 (पुरानी IPC 304) के तहत सजा देती है। अगर मारने का 'इरादा' था (ग्रेव प्रोवोकेशन में), तो उम्रकैद या 10 साल सजा (Part 1)। अगर सिर्फ यह 'ज्ञान (Knowledge)' था कि इस चोट से ये मर 'सकता' है, तो उसे अधिकतम 10 साल की सजा मिलती है (Part 2)।
तुलना
IPC 304 Part 1 और Part 2 की जटिलता को BNS 105 में ज्यों का त्यों रखा गया है।