धारा 117 BNS VS धारा 325 IPC: स्वेच्छया घोर उपहति कारित करने (Voluntarily causing grievous hurt) के लिए दंड

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

शमनीय (न्यायालय की अनुमति से)

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 325

जो कोई (प्रकोपन के सिवाय) स्वेच्छया घोर उपहति (Grievous hurt) कारित करेगा… 7 वर्ष की अवधि के कारावास से, और जुर्माने से भी दंडित किया जाएगा।

BNS (नया कानून)

धारा 117(2)

117(2): जो कोई स्वेच्छया घोर उपहति कारित करेगा… (7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

हड्डी या दांत तोड़ने की सजा! (Punishment for Grievous Hurt)। यदि मारपीट में किसी ने इतनी जोर से डंडा मारा कि आपकी हड्डी टूट गई (Fracture), या आंख की रोशनी चली गई। तो यह साधारण 'Hurt (323)' नहीं, बल्कि 'Grievous Hurt (घोर उपहति)' कहलाएगा। BNS 117(2) [पुरानी IPC 325] के तहत इसके लिए सीधा 7 साल की सजा का प्रावधान है।

तुलना

घोर उपहति के लिए सजा (Punishment for Grievous Hurt)।

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