धारा 119 BNS VS धारा 327-331 IPC: संपत्ति उद्यापित (Extort property) करने या संस्वीकृति (Confession) कराने के लिए उपहति/घोर उपहति कारित करना
सजा (Punishment)
कठोर कारावास
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 327-331
327: संपत्ति ऐंठने के लिए उपहति (10 वर्ष)। 328: जहर देकर (Poison) उपहति (10 वर्ष)। 329: संपत्ति ऐंठने के लिए घोर उपहति (आजीवन कारावास)। 330: इकबालिया बयान (Confession) उगलवाने के लिए पुलिस द्वारा मारपीट (7 वर्ष)। 331: इकबालिया बयान के लिए पुलिस द्वारा घोर उपहति (10 वर्ष)।
BNS (नया कानून)
धारा 119
BNS 119 consolidates these. 119(1): संपत्ति उद्यापित करने या अवैध कार्य के लिए उपहति… (10 वर्ष)। 119(2): घोर उपहति… (आजीवन कारावास)। 119(3): जहर आदि देकर… (10 वर्ष)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
उगाही और पुलिस रिमांड में टॉर्चर! (Torture for Confession/Extortion)। यदि कोई गुंडा घर में घुसकर आपसे प्रॉपर्टी के कागज़ात पर साइन कराने (Extortion) के लिए आपको लोहे की रॉड से पीटता है (BNS 119)। या यदि पुलिस 'रिमांड रूम' में थर्ड-डिग्री (Third-degree torture) देकर किसी कैदी से जुर्म कबूल (Confession) करवानी की कोशिश करती है (पुराना IPC 330)। इन दोनों ही मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए 10 साल से लेकर उम्रकैद (घोर उपहति) तक की सजा का प्रावधान है।
तुलना
Extortion और Police Torture (Restoration of property/confession) के लिए किए गए हमलों को BNS 119 में समाहित कर दिया गया है।