धारा 121 BNS VS धारा 332-333 IPC: लोक सेवक (Public servant) को उसके कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए साधारण/घोर उपहति
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती / जमानती (हर्ट के केस में)
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट / सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 332-333
332: लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने के लिए साधारण उपहति (Voluntarily causing hurt to deter public servant) – 3 वर्ष।
333: लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने के लिए घोर उपहति (Grievous hurt) – 10 वर्ष।
BNS (नया कानून)
धारा 121
121(1): लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने के लिए उपहति (Hurt) कारित करना… (3 वर्ष या जुर्माना या दोनों)।
121(2): लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने के लिए घोर उपहति (Grievous Hurt) कारित करना… (10 वर्ष और जुर्माना)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
सरकारी अफ़सर को पीटना! (Assault on Public Servant)। उदाहरण: बिजली विभाग की टीम बिजली चोरी पकड़ने गई, और गाँव वालों ने उन पर पत्थर बरसा दिए (Hurt); या ट्रैफिक पुलिस वाले का कॉलर पकड़कर थप्पड़ मार दिया। अपनी 'ड्यूटी' (Duty) करते हुए 'सरकारी कर्मचारी' (Public Servant) पर हमला करने को कानून बहुत सीरियसली लेता है। BNS 121 (पुरानी IPC 332/333) के तहत इसमें 3 साल से लेकर 10 साल तक की जेल होती है।
तुलना
सरकारी काम में बाधा डालने (Obstructing public servant) के साथ मारपीट करने की धाराओं को BNS 121 में क्लस्टर किया गया है।