धारा 122 BNS VS धारा 335 IPC: प्रकोपन पर स्वेच्छया घोर उपहति (Grievous hurt) कारित करना

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती / गैर-जमानती (आधार पर)

समझौता योग्य (Compoundable

शमनीय (न्यायालय की अनुमति से)

विचारणीय न्यायालय (Court)

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 335

जो कोई गंभीर और अचानक प्रकोपन (Grave and sudden provocation) पर स्वेच्छया घोर उपहति कारित करेगा… (4 वर्ष या ₹2000)।

BNS (नया कानून)

धारा 122 (Proviso)

BNS 122 merged this. (गंभीर प्रकोपन पर घोर उपहति (Grievous Hurt) के लिए: 4 वर्ष तक का कारावास या ₹10000 तक जुर्माना या दोनों)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

उकसावे में आकर हड्डी तोड़ना! (Provocation Grievous Hurt)। अगर कोई आपको बहुत ज्यादा जलील करता है (Provocation) और आप भड़क कर पास पड़ा डंडा ऐसा मारते हैं कि उसकी बांह की हड्डी (Fracture) टूट जाती है। यह 'घोर उपहति' है, लेकिन चूंकि यह उकसावे में हुई है, इसलिए साधारण 7 साल (IPC 325) वाली सजा न लगकर, BNS 122 (पुरानी IPC 335) लगेगी और सजा '4 साल' तक सीमित रहेगी।

तुलना

BNS ने 334 और 335 (Provocation Hurt & Grievous Hurt) को एक ही धारा BNS 122 में क्लब (club) कर दिया है।

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