धारा 124(1) BNS VS धारा 326A IPC: अम्ल (Acid) आदि का उपयोग करके स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना (Acid Attack)
सजा (Punishment)
कठोर कारावास
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 326A
जो कोई किसी व्यक्ति पर अम्ल (Acid) फेंककर… उस व्यक्ति को स्थायी या आंशिक नुकसान पहुंचाता है… कम से कम 10 वर्ष का कारावास जो आजीवन कारावास तक हो सकेगा + जुर्माना (जो पीड़ित के इलाज के लिए होगा)।
BNS (नया कानून)
धारा 124(1)
124(1): जो कोई किसी व्यक्ति पर अम्ल (Acid) फेंककर… स्थायी या आंशिक नुकसान पहुंचाता है या घोर उपहति कारित करता है… (न्यूनतम 10 वर्ष से आजीवन कारावास तक + जुर्माना जो पीड़ित को दिया जाएगा)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
एसिड अटैक (तेज़ाब फेंकना)! (Acid Attack)। अगर कोई सिरफिरा प्रेमी या अपराधी किसी लड़की/लड़के पर तेज़ाब (Acid) फेंक देता है, जिससे उसका चेहरा या शरीर जल जाता है। यह एक अमानवीय अपराध है। निर्भया कांड के बाद बने इस कठोर कानून BNS 124(1) (पुरानी IPC 326A) में आरोपी को कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा होती है। अदालत जो भी 'जुर्माना' लगाएगी, वह पैसा सीधे पीड़िता (Victim) के इलाज (Plastic surgery) के लिए दिया जाएगा।
तुलना
Acid Attack के प्रावधानों को जस-का-तस बहुत कठोर (Strict) रखा गया है।