धारा 125 BNS VS धारा 337-338 IPC: दूसरों का जीवन संकटापन्न करने वाले कार्य द्वारा उपहति / घोर उपहति कारित करना (Hurt/Grievous hurt by negligence)

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

शमनीय (Compoundable)

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 337-338

337: लापरवाही द्वारा साधारण चोट (Hurt by negligence) – 6 मास। 338: लापरवाही द्वारा गंभीर चोट (Grievous Hurt by negligence – जैसे एक्सीडेंट में हड्डी टूटना) – 2 वर्ष।

BNS (नया कानून)

धारा 125(ए) / 125(बी)

125(a): लापरवाही द्वारा उपहति (Hurt) कारित करना… (6 मास या ₹5000 जुर्माना)। 125(b): लापरवाही द्वारा घोर उपहति (Grievous hurt) कारित करना… (3 वर्ष या ₹10000 जुर्माना या दोनों)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

सड़क एक्सीडेंट में हड्डी टूटना! (Road Accident hurting someone)। अगर 'A' बहुत तेज और खतरनाक तरीके (Rash Driving) से अपनी कार चला रहा है और सामने वाले स्कूटर वाले को ठोक देता है। अगर स्कूटर वाले को सिर्फ खरोंचें (Hurt) आईं, तो BNS 125(A) (पुरानी IPC 337 - 6 मास सजा) लगेगी। लेकिन अगर स्कूटर वाले का पैर 'फ्रैक्चर' (Grievous Hurt) हो गया, तो ड्राइवर पर BNS 125(B) (पुरानी IPC 338) लगेगी। BNS ने इसमें सजा को 2 साल से बढ़ाकर '3 साल' कर दिया है। (आम तौर पर इसे IPC 279 रैश ड्राइविंग के साथ लगाया जाता है)।

तुलना

Hit and Run / Road accidents (मृत्यु को छोड़ कर – जो 106 में है) में घायल करने की सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाली धारा। BNS में 338 की सजा 2 साल से 3 साल कर दी गई है।

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