धारा 126(1) BNS VS धारा 339 IPC: सदोष अवरोध (Wrongful restraint)
सजा (Punishment)
परिभाषा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 339
जो कोई किसी व्यक्ति को स्वेच्छया ऐसे बाधा(Obstructs) डालता है कि उस व्यक्ति को उस दिशा में, जिसमें जाने का उस व्यक्ति को अधिकार (Right to proceed) है, जाने से निवारित कर दे… ‘सदोष अवरोध’ कहलाता है।
BNS (नया कानून)
धारा 126(1)
126(1): जो कोई किसी व्यक्ति को स्वेच्छया ऐसे बाधा डालता है कि उस व्यक्ति को उस दिशा में, जिसमें जाने का उस व्यक्ति को अधिकार है, जाने से निवारित कर दे… सदोष अवरोध कारित करता है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
रास्ता रोकना! (Wrongful Restraint)। यदि आप रोज़ाना एक पब्लिक रास्ते या गली से होकर जाते हैं जहाँ आपका जाने का अधिकार है। लेकिन एक दिन आपका पड़ोसी लाठी लेकर खड़ा हो जाता है और कहता है कि "आज से तू इस गली से नहीं जाएगा, पीछे मुड़ जा"। यदि वह आपको केवल 'उसी' रास्ते पर जाने से रोकता है (पर आप दूसरी दिशा में जा सकते हैं), तो इसे 'सदोष अवरोध (रास्ता रोकना)' कहते हैं (BNS 126(1) / पुरानी IPC 339)।
तुलना
यह केवल किसी विशेष दिशा (Direction) में जाने से रोकने की परिभाषा है।