धारा 138 BNS बनाम धारा 362 IPC: अपहरण (Abduction)
सजा (Punishment)
परिभाषा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 362
जो कोई किसी व्यक्ति को किसी स्थान से जाने के लिए बल द्वारा विवश (Compels by force) करता है, या किन्हीं प्रवंचनापूर्ण उपायों द्वारा उत्प्रेरित (Induces by deceitful means) करता है, वह उस व्यक्ति का ‘अपहरण’ (Abduction) करता है।
BNS (नया कानून)
धारा 138
138: जो कोई किसी व्यक्ति को किसी स्थान से जाने के लिए बल द्वारा विवश करता है, या किन्हीं प्रवंचनापूर्ण उपायों द्वारा उत्प्रेरित करता है, वह उस व्यक्ति का अपहरण करता है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
अपहरण (Abduction) का अर्थ! 'किडनैपिंग' (Kidnapping) अक्सर नाबालिग बच्चों से जुड़ा होता है, लेकिन 'अपहरण' (Abduction) किसी भी बालिग व्यक्ति (Adult) का हो सकता है। यदि 25 साल के एक व्यक्ति को 4 लोग बंदूक (Force) की नोंक पर या 'तुम्हारे पिताजी का एक्सीडेंट हो गया है' ऐसा झूठ (Deceit) बोलकर कार में बैठा लें। तो इसे 'अपहरण' कहा जाता है (IPC 362 / BNS 138)। अपहरण अपने आप में तब जुर्म बनता है जब अपहरण के पीछे फिरौती, कत्ल या रेप का इरादा हो।
तुलना
Kidnapping और Abduction में मुख्य अंतर यह है कि Kidnapping केवल minors की होती है, जबकि Abduction किसी भी उम्र के व्यक्ति (Adult) का हो सकता है जिसमें बल (Force) या धोखे (Deceit) का इस्तेमाल किया गया हो।