धारा 140(4) BNS बनाम धारा 367 IPC: व्यक्ति को गंभीर चोट आदि पहुंचने (Grievous hurt) या दास (Slavery) बनाने के लिए व्यपहरण
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 367
जो कोई किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण (Kidnaps or abducts) इस आशय से करेगा कि वह घोर उपहति (Grievous hurt), या দাসत्व (Slavery) के खतरे में डाला जाए… 10 वर्ष की अवधि के कारावास से, और जुर्माने से भी दंडित किया जाएगा।
BNS (नया कानून)
धारा 140(4)
140(4): जो कोई किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण इस आशय से करेगा कि उस व्यक्ति को घोर उपहति या दासत्व (Slavery)… (10 वर्ष तक का कारावास + जुर्माना)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
बंधुआ मज़दूर या दास बनाने के लिए अगवा करना! (Kidnapping for Slavery)। ईंट-भट्ठों या खदानों में काम करने के लिए ठेकेदार अक्सर कुछ मज़दूरों को जबरन पकड़ (Abduct) ले जाते हैं और उन्हें बिना पैसे दिए 'जानवरों' की तरह 'बंधुआ मज़दूर' (Slave) बनाकर रखते हैं। किसी भी इंसान को 'गुलाम (Slave)' बनाना उसके मूल अधिकारों का हनन है। ऐसे मामलों में पुरानी IPC 367 (नई BNS 140(4)) लगाकर आरोपी को 10 साल के लिए जेल भेजा जाता है।
तुलना
Slavery (दास प्रथा) के विरुद्ध संवैधानिक और दंडात्मक सुरक्षा BNS में 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ मौजूद है।