धारा 142 BNS बनाम धारा 368 IPC: अपहृत व्यक्ति को सदोष छिपाना या परिरोध में रखना (Wrongfully concealing kidnapped person)

सजा (Punishment)

समान दंड

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

शासन कोर्ट

IPC (पुराना कानून)

धारा 368

जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसे व्यपहरण या अपहरण (Kidnapped or abducted) किया गया हो, यह जानते हुए कि उसका अपहरण हुआ है, सदोष रूप से छिपाता (Conceals) या परिरुद्ध (Confines) रखता है… वह उसी दंड से दंडित होगा मानो उसने स्वयं अपहरण किया हो।

BNS (नया कानून)

धारा 142

142: जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसे व्यपहरण या अपहरण किया गया हो… छिपाता है… वह उसी दंड से दंडित होगा मानो उसने स्वयं उसका व्यपहरण किया हो।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

किडनैपर को कमरा किराए पर देना! (Hiding kidnapped person)। अपहरणकर्ता (Kidnapper) जब बच्चे को अगवा करके किसी रिश्तेदार के घर या किराए के खाली मकान में छिपा देता है। अगर उस रिश्तेदार या मकान-मालिक को 'पता है (Knowledge)' कि यह बच्चा किडनैप होकर आया है और फिर भी वह उसे छुपने की जगह (Conceal) देता है या बाहर से ताला लगा देता है। तो कानून—BNS 142 (IPC 368)—के तहत उस घर-मालिक को भी 'उतनी ही (Same Punishment)' सज़ा मिलेगी जितनी मुख्य किडनैपर को मिलेगी।

तुलना

अपहृत (Kidnapped) व्यक्ति को छिपाना (Concealing) मुख्य अपहरण के बराबर (Equally liable) ही अपराध माना गया है।

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