धारा 146 BNS बनाम धारा 374 IPC: विधिविरुद्ध अनिवार्य श्रम (Unlawful compulsory labour)
सजा (Punishment)
सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
शमनीय (Compoundable)
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 374
जो कोई किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध (Against the will) श्रम (Labour) करने के लिए विधिविरुद्ध रूप से विवश (Compels) करेगा… 1 वर्ष या जुर्माना या दोनों।
BNS (नया कानून)
धारा 146
146: जो कोई किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध श्रम (Labour) करने के लिए विधिविरुद्ध रूप से विवश करेगा… 1 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
ज़बरदस्ती काम करवाना (बेगार)! (Forced Labour)। भारत का संविधान अनुच्छेद 23 में 'बेगार (Begar)' यानी किसी से ज़बरदस्ती (बिना वेतन या मर्जी के) काम करवाने को मना करता है। अगर कोई दबंग व्यक्ति गाँव के किसी गरीब मज़दूर को डरा-धमका कर अपने खेत में 'मुफ़्त' में काम करने के लिए मजबूर (Compulsory labour) करता है। तो मज़दूर पुलिस से शिकायत कर सकता है। पुलिस पुरानी IPC 374 (अब BNS 146) के तहत मुकदमा दर्ज़ करके दबंग को 1 साल की जेल और जुर्माने की सज़ा दिला सकती है।
तुलना
संविधान के अनुच्छेद 23 (Right against Exploitation) को लागू करने वाला यह महत्वपूर्ण दंडात्मक प्रावधान BNS 146 में यथावत (1 साल) रखा गया है।