धारा 152 BNS VS धारा 124A IPC: राजद्रोह (Sedition) >> नया: भारत की संप्रभुता को खतरे में डालना

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

सेशन कोर्ट

IPC (पुराना कानून)

धारा 124A

राजद्रोह: जो कोई बोले गए या लिखे गए शब्दों द्वारा… भारत में विधि द्वारा स्थापित सरकार के प्रति घृणा या अवमानना पैदा करेगा… वह आजीवन कारावास (या 3 वर्ष) और जुर्माने से दंडित होगा।

BNS (नया कानून)

धारा 152

भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना: जो कोई… सशस्त्र विद्रोह, विध्वंसक गतिविधियां… या अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देगा… वह आजीवन कारावास या 7 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दंडित होगा।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

**महा-परिवर्तन (Major Change):** BNS ने अंग्रेजों के ज़माने के बहुचर्चित 'राजद्रोह' (Sedition - IPC 124A) कानून का शब्द हटा दिया है। अब इसे BNS 152 में 'अलगाववाद' (Secession) और 'सशस्त्र विद्रोह' के रूप में स्पष्ट किया गया है। अब केवल सरकार की आलोचना करने पर केस नहीं होगा, बल्कि 'भारत की अखंडता' तोड़ने पर केस होगा (सजा 3 साल से बढ़ाकर 7 साल न्यूनतम कर दी गई है)।

तुलना

IPC 124A (Sedition)BNS 152 (Sovereignty & Integrity)
सरकार के खिलाफ बोलने पर भी लग जाती थी.जब तक अलगाववाद / सशस्त्र विद्रोह न हो, तब तक नहीं लगेगी।
जेल: 3 वर्षजेल: 7 वर्ष (Modified)
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