धारा 156-158 BNS VS धारा 128-130 IPC: राजकैदी या युद्धकैदी का निकल भागना
सजा (Punishment)
विभिन्न प्रकार
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती (157 में जमानती)
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट (157 में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट)
IPC (पुराना कानून)
धारा 128-130
धारा 128: लोक सेवक द्वारा स्वेच्छया भागने देना (आजीवन/10 वर्ष)। 129: लोक सेवक की उपेक्षा (लापरवाही) से कैदी का भागना (3 वर्ष साधारण)। 130: भागने में सहायता या आश्रय देना (आजीवन/10 वर्ष)।
BNS (नया कानून)
धारा 156-158
धारा 156: लोक सेवक द्वारा स्वेच्छया भागने देना। 157: लोक सेवक की उपेक्षा से भागना। 158: भागने में सहायता या आश्रय देना। (सजाएं IPC के समान)।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यदि पुलिस अधिकारी किसी आतंकी (State Prisoner) को जानबूझकर जेल से भगा देता है (BNS 156), तो पुलिसवाले को उम्रकैद हो सकती है। और अगर पुलिसवाले की ड्यूटी पर सो जाने (लापरवाही) के कारण कैदी भाग जाए (BNS 157), तो अफसर को 3 साल तक की 'साधारण कैद' (Simple Imprisonment) होगी।
तुलना
युद्धबंदियों या राजबंदियों के मामले में सख्त दायित्व।