धारा 160-162 BNS VS धारा 132-134 IPC: विद्रोह का दुष्प्रेरण (यदि विद्रोह हो जाए) और वरिष्ठ अधिकारी पर हमला
सजा (Punishment)
गंभीर (मृत्यु दंड तक)
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट/प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 132-134
132: विद्रोह(Mutiny) उकसाया और परिणामस्वरूप विद्रोह हो गया (मृत्यु/आजीवन/10 वर्ष)। 133: सैनिक/नागरिक द्वारा वरिष्ठ अधिकारी (ड्यूटी पर) पर हमले को उकसाना (3 वर्ष)। 134: वह हमला उकसाने पर वास्तव में हो जाए (7 वर्ष)।
BNS (नया कानून)
धारा 160-162
160: विद्रोह उकसाना और विद्रोह हो जाए (मृत्यु दंड जोड़ा गया है)। 161: वरिष्ठ अफसर पर हमले को उकसाना। 162: हमला हो जाए।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
ध्यान दें! BNS 160 (IPC 132) में 'फांसी की सजा' (Death Penalty) का प्रावधान है। यदि आपके भड़काने के कारण आर्मी यूनिट वास्तव में विद्रोह (Mutiny) कर दे और भारत सरकार के खिलाफ हथियार उठा ले, तो भड़काने वाले नागरिक को फांसी दी जा सकती है।
तुलना
सेना की आंतरिक विद्रोहों को अत्यंत गंभीरता (मृत्यु दंड) से लिया गया है।