धारा 17 BNS VS धारा 79 IPC: विधि द्वारा न्यायानुमत या तथ्य की भूल से विश्वास करने वाले व्यक्ति का कार्य
सजा (Punishment)
साधारण अपवाद (बचाव)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 79
कोई बात अपराध नहीं है जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाए जो उसे करने के लिए विधि द्वारा न्यायानुमत (Justified by law) हो या तथ्य की भूल के कारण… सद्भावपूर्वक विश्वास करता हो कि वह न्यायानुमत है।
BNS (नया कानून)
धारा 17
कोई बात अपराध नहीं है जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाए जो उसे करने के लिए विधि द्वारा न्यायानुमत (Justified by law) हो या तथ्य की भूल के कारण… सद्भावपूर्वक विश्वास करता हो कि वह न्यायानुमत है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
BNS 14 (IPC 76) में व्यक्ति 'बाध्य' था, जबकि BNS 17 (IPC 79) में व्यक्ति कानून द्वारा 'न्यायानुमत' (Justified) है। जैसे एक आम नागरिक का किसी हत्यारे को पकड़ना।
तुलना
यह नागरिकों को अपराध रोकने या आत्मरक्षा में उचित कदम उठाने की अनुमति देता है।