धारा 189 (6) BNS VS धारा 145 IPC: विधिविरुद्ध जमाव में यह जानते हुए सम्मिलित होना कि उसे बिखर जाने का समादेश दिया गया है

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 145

जो कोई किसी विधिविरुद्ध जमाव में… यह जानते हुए… कि जमाव को कानून द्वारा बिखर जाने का आदेश (Disperse order) दिया जा चुका है, सम्मिलित होता है… वह 2 वर्ष के कारावास से दंडनीय होगा।

BNS (नया कानून)

धारा 189 (6)

जो कोई किसी विधिविरुद्ध जमाव में… यह जानते हुए… कि जमाव को कानून द्वारा बिखर जाने का आदेश दिया जा चुका है, सम्मिलित होता है… वह 2 वर्ष के कारावास से दंडनीय होगा।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

जब पुलिस माइक पर अनाउंस करती है कि 'यह भीड़ गैरकानूनी है, सभी बिखर जाएं!' उसके बाद भी अगर भीड़ डटी रहे या कोई नया व्यक्ति उसमें जाकर जुड़ जाए, तो यह पुलिस के 'आदेश की खुली अवमानना' है। इसके लिए BNS 189(6) (पूर्व IPC 145) में 2 साल जेल का प्रावधान है।

तुलना

मजिस्ट्रेट या पुलिस के फैल जाने (Disperse) के आदेश को न मानना दंडनीय है।

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