धारा 189 (8) BNS VS धारा 151 IPC: पांच या अधिक व्यक्तियों के ऐसे जमाव में जो बिखर जाने का समादेश दिए जाने पर भी बना रहे, सम्मिलित होना
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 151
जो कोई पांच या अधिक व्यक्तियों के ऐसे जमाव में… जिसे बिखर जाने का समादेश (Command to disperse) दिया जा चुका है… इस बात को जानते हुए सम्मिलित होगा… वह 6 मास के कारावास या जुर्माने से दंडनीय होगा। (यह धारा तब लगती है जब जमाव धारा 141 के अंतर्गत ‘विधिविरुद्ध’ न हो, फिर भी शांति भंग कर रहा हो)।
BNS (नया कानून)
धारा 189 (8)
जो कोई पांच या अधिक व्यक्तियों के ऐसे जमाव में… जिसे बिखर जाने का समादेश दिया जा चुका है… इस बात को जानते हुए सम्मिलित होगा… वह 6 मास के कारावास या जुर्माने से दंडनीय होगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यह प्रिवेंटिव एक्शन है। पुलिस आमतौर पर CrPC 151 (शांति भंग) लगाती थी। लेकिन IPC 151 (अब BNS 189(8)) तब लगती है जब 5 लोग (भले ही उनके इरादे अच्छे हों) शांति भंग कर रहे हों, और पुलिस के हटने (Disperse) के आदेश के बाद भी न हटें (जैसे रोड जाम करना)। सजा 6 महीने।
तुलना
शांति बनाए रखने के लिए यह पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपकरण है।