धारा 190 BNS VS धारा 149 IPC: विधिविरुद्ध जमाव का हर सदस्य, सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने में किए गए अपराध का दोषी
सजा (Punishment)
संयुक्त दायित्व
संज्ञेय (Cognizable)
मुख्य अपराध के अनुसार
जमानतीय (Bailable)
मुख्य अपराध के अनुसार
समझौता योग्य (Compoundable
मुख्य अपराध के अनुसार
विचारणीय न्यायालय (Court)
मुख्य अपराध के अनुसार
IPC (पुराना कानून)
धारा 149
यदि विधिविरुद्ध जमाव के किसी सदस्य द्वारा उस जमाव के ‘सामान्य उद्देश्य’ को अग्रसर करने के लिए अपराध किया जाता है… तो हर व्यक्ति जो अपराध के समय उस जमाव का सदस्य है, उस अपराध का दोषी होगा (Constructive Liability)।
BNS (नया कानून)
धारा 190
यदि विधिविरुद्ध जमाव के किसी सदस्य द्वारा उस जमाव के ‘सामान्य उद्देश्य’ को अग्रसर करने के लिए अपराध किया जाता है… तो हर व्यक्ति जो अपराध के समय उस जमाव का सदस्य है, उस अपराध का दोषी होगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
आपराधिक न्याय का सबसे खतरनाक सिद्धांत: 'संयुक्त दायित्व' (Constructive Liability/Vicarious Liability)। BNS 190 (IPC 149) कहती है कि यदि 50 लोगों की उग्र भीड़ में से केवल 1 आदमी किसी की हत्या कर दे, तो बाकी 49 लोगों पर भी 'हत्या' (Section 103 + Sec 190) का मुकदमा चलेगा और सबको फांसी/उम्रकैद हो सकती है। भीड़ में होना ही अपराध है।
तुलना
Common Object रूल पूरी तरह से बरकरार है।