धारा 191 (2) BNS VS धारा 147 IPC: बलवा करने के लिए दंड

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय (Non-Compoundable)

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 147

जो कोई बलवा करने का दोषी होगा… वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 2 वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

BNS (नया कानून)

धारा 191 (2)

जो कोई बलवा करने का दोषी होगा… वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 2 वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

भारत में दंगों (Riots) के लिए मुख्य रूप से यही धारा लगती है: 'IPC 147' जो अब BNS 191(2) हो गई है। दंगे में शामिल हर व्यक्ति को (भले ही उसने खुद पत्थर न फेंका हो, पर भीड़ का हिस्सा हो) 2 साल की जेल की सजा दी जाती है।

तुलना

दंगों के लिए सामान्य सजा 2 वर्ष बनी हुई है।

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