धारा 2 BNS VS धारा 33 IPC: कार्य और लोप
सजा (Punishment)
लागू नहीं (परिभाषा)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 33
‘कार्य’ शब्द कार्यवली के साथ ही एकाकी कार्य का द्योतक है; ‘लोप’ शब्द लोपावली के साथ ही एकाकी लोप का द्योतक है।
BNS (नया कानून)
धारा 2(1) & 2(22)
‘कार्य’ से कार्यवली के साथ ही एकाकी कार्य अभिप्रेत है; ‘लोप’ से लोपावली के साथ ही एकाकी लोप अभिप्रेत है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
IPC 33 की परिभाषा को BNS 2(1) और BNS 2(22) में अलग-अलग परिभाषित किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि श्रृंखलाबद्ध कार्य एकाकी कार्य के समान ही दंडनीय हैं।
तुलना
विभक्त करके अलग परिभाषाएँ दी गई हैं।