धारा 2(11) BNS VS धारा 25 IPC: कपटपूर्वक (Fraudulently)

सजा (Punishment)

लागू नहीं (परिभाषा)

संज्ञेय (Cognizable)

लागू नहीं

जमानतीय (Bailable)

लागू नहीं

समझौता योग्य (Compoundable

लागू नहीं

विचारणीय न्यायालय (Court)

लागू नहीं

IPC (पुराना कानून)

धारा 25

कोई व्यक्ति किसी बात को कपटपूर्वक करता है, यह तब कहा जाता है जब वह उस बात को कपट करने के आशय से करता है, अन्यथा नहीं।

BNS (नया कानून)

धारा 2(11)

‘कपटपूर्वक’ से कपट करने के आशय से कोई बात करना अभिप्रेत है, अन्यथा नहीं।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

'कपटपूर्वक' (Fraudulently) का अर्थ धोखा देने के इरादे से कार्य करना है। IPC 25 को BNS 2(11) में ले जाया गया है।

तुलना

‘बेईमानी से’ और ‘कपटपूर्वक’ के बीच का अंतर भारतीय आपराधिक न्यायशास्त्र का एक जटिल पहलू है।

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