धारा 2(29) BNS VS धारा 26 IPC: विश्वास करने का कारण

सजा (Punishment)

लागू नहीं (परिभाषा)

संज्ञेय (Cognizable)

लागू नहीं

जमानतीय (Bailable)

लागू नहीं

समझौता योग्य (Compoundable

लागू नहीं

विचारणीय न्यायालय (Court)

लागू नहीं

IPC (पुराना कानून)

धारा 26

कोई व्यक्ति किसी बात के ‘विश्वास करने का कारण’ रखता है, यह तब कहा जाता है जब वह उस बात के विश्वास करने का पर्याप्त हेतु रखता है, अन्यथा नहीं।

BNS (नया कानून)

धारा 2(29)

‘विश्वास करने का कारण’ से किसी बात के विश्वास करने का पर्याप्त हेतु होना अभिप्रेत है, अन्यथा नहीं।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

यह IPC 26 और BNS 2(29) के तहत मात्र संदेह के बजाय पर्याप्त कारण (Sufficient Cause) की मांग करता है।

तुलना

यह चोरी की संपत्ति प्राप्त करने जैसे अपराधों में एक महत्वपूर्ण तत्व है।

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