धारा 2(5) BNS VS धारा 28 IPC: कूटकरण (Counterfeit)
सजा (Punishment)
लागू नहीं (परिभाषा)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 28
जो व्यक्ति एक चीज को दूसरी चीज के सदृश इस आशय से करता है कि वह उस सादृश्य से प्रवंचना करे… वह ‘कूटकरण’ करता है।
BNS (नया कानून)
धारा 2(5)
‘कूटकरण’ से एक चीज को दूसरी चीज के सदृश इस आशय से करना कि उस सादृश्य से प्रवंचना की जाए… अभिप्रेत है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
नकली चीज़ का मूल चीज़ के बिल्कुल समान होना आवश्यक नहीं है, केवल इतना पर्याप्त है कि लोग उससे धोखा खा सकें। (BNS 2(5))
तुलना
‘कूटकरण’ की परिभाषा IPC 28 से BNS 2(5) में स्थानांतरित की गई है।