धारा 2 BNS VS धारा 6 IPC: संहिता में परिभाषाओं का अपवादों के अधीन समझा जाना
सजा (Punishment)
लागू नहीं (व्याख्या)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 6
इस संहिता में सर्वत्र, अपराध की हर परिभाषा… साधारण अपवाद शीर्षक वाले अध्याय में अंतर्विष्ट अपवादों के अधीन समझी जाएगी।
BNS (नया कानून)
धारा 2
[अपवादों का सामान्य सिद्धांत BNS अध्याय III और धारा 2 परिभाषाओं में समाहित है]
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
प्रत्येक अपराध की परिभाषा 'सामान्य अपवादों' (General Exceptions) के अधीन पढ़ी जाएगी। नवीन BNS ने अधिकांश परिभाषाओं को धारा 2 के अंतर्गत समेकित कर दिया है।
परिवर्तन विश्लेषण
यह व्याख्यात्मक नियम है कि प्रत्येक अपराध की परिभाषा ‘सामान्य अपवादों’ के अधीन पढ़ी जाएगी। इसे BNS के ढांचे में अंतर्निहित कर दिया गया है।