धारा 206 BNS VS धारा 172 IPC: समन की तामील (Service of summons) से बचने के लिए फरार हो जाना

सजा (Punishment)

साधारण

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 172

जो कोई किसी लोक सेवक द्वारा निकाले गए समन, सूचना या आदेश की तामील से बचने के लिए फरार (Abscond) हो जाएगा… यदि समन किसी न्यायालय का हो तो 6 मास, अन्यथा 1 मास का कारावास।

BNS (नया कानून)

धारा 206

जो कोई किसी लोक सेवक द्वारा निकाले गए समन, सूचना या आदेश की तामील से बचने के लिए फरार (Abscond) हो जाएगा… यदि समन किसी न्यायालय का हो तो 6 मास का कारावास या 5,000 रुपये जुर्माना, अन्यथा 1 मास का कारावास या 10,000 रुपये तक जुर्माना।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

यदि कोर्ट या पुलिस कोई समन (Summons) भेजती है और आप उसे लेने से बचने के लिए घर से गायब (Abscond) हो जाते हैं, तो यह अपराध है। BNS 206 (IPC 172) में इसके लिए 1 से 6 महीने की जेल है। BNS में जुर्माने की रकम ₹500/₹1000 से बढ़ाकर ₹5000/₹10,000 कर दी गई है।

तुलना

कानूनी प्रक्रिया से भागने वालों पर जुर्माना राशि भारी मात्रा में बढ़ाई गई है।

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