धारा 21 BNS VS धारा 83 IPC: सात से बारह वर्ष आयु के अपरिपक्व शिशु का कार्य

सजा (Punishment)

साधारण अपवाद (परिपक्वता निर्भर)

संज्ञेय (Cognizable)

लागू नहीं

जमानतीय (Bailable)

लागू नहीं

समझौता योग्य (Compoundable

लागू नहीं

विचारणीय न्यायालय (Court)

लागू नहीं

IPC (पुराना कानून)

धारा 83

कोई बात अपराध नहीं है जो सात वर्ष से ऊपर और बारह वर्ष से कम आयु के ऐसे शिशु द्वारा की जाती है जिसकी समझ इतनी परिपक्व नहीं हुई है कि वह अपने कार्य की प्रकृति… को समझ सके।

BNS (नया कानून)

धारा 21

कोई बात अपराध नहीं है जो सात वर्ष से ऊपर और बारह वर्ष से कम आयु के ऐसे शिशु द्वारा की जाती है जिसकी समझ इतनी परिपक्व नहीं हुई है कि वह अपने कार्य की प्रकृति और परिणामों को समझ सके।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

7 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए बचाव (Immunity) इस बात पर निर्भर करता है कि क्या बच्चा मानसिक रूप से इतना परिपक्व था कि वह जान सके कि वह क्या कर रहा है। (IPC 83 = BNS 21)।

तुलना

यहाँ न्यायालय मामले दर मामले (Case to Case) बच्चे की ‘समझ’ का मूल्यांकन करता है।

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