धारा 212 BNS VS धारा 177 IPC: झूठी सूचना देना (Furnishing false information)

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 177

जो कोई लोक सेवक को किसी विषय पर कोई ऐसी सूचना देगा जिसे वह जानता है या विश्वास करने का कारण रखता है कि वह झूठी है… (6 मास या 1000 रुपये जुर्माना)। यदि अपराध निवारण से जुड़ी सूचना हो (2 वर्ष)।

BNS (नया कानून)

धारा 212

जो कोई लोक सेवक को… जानता है कि वह झूठी है, सूचना देगा… (6 मास या ₹5000 जुर्माना)। यदि अपराध को रोकने / गिरफ्तार करने से जुड़ी सूचना झूठी हो (2 वर्ष की सजा या ₹10000 जुर्माना)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

पुलिस को गुमराह करना! यदि आप पुलिस को जानबूझकर झूठी टिप देते हैं या झूठी कहानी सुनाते हैं ताकि जांच भटक जाए, तो BNS 212 (IPC 177) के तहत आपको 6 महीने से 2 साल तक की सज़ा मिल सकती है।

तुलना

सरकारी कामकाज में झूठ बोलना और जांच को भटकाना। जुर्माना 5 से 10 गुना बढ़ाया गया है।

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