धारा 22 BNS VS धारा 84 IPC: विकृतचित्त (Unsound mind) व्यक्ति का कार्य
सजा (Punishment)
साधारण अपवाद (पागलपन)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 84
कोई बात अपराध नहीं है जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाए जो उसे करते समय चित्तविकृति (Unsoundness of mind) के कारण कार्य की प्रकृति को… जानने में असमर्थ है।
BNS (नया कानून)
धारा 22
कोई बात अपराध नहीं है जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाए जो उसे करते समय चित्तविकृति (Unsoundness of mind) के कारण उस कार्य की प्रकृति को… जानने में असमर्थ है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यह प्रसिद्ध 'मैकनॉटन नियम' (M'Naghten Rules) पर आधारित है। यदि मानसिक बीमारी के कारण कोई व्यक्ति सही-गलत का अंतर न समझ सके, तो वह अपराध का दोषी नहीं है। BNS 22 ने इस बचाव को बनाए रखा है।
तुलना
पागलपन (Insanity) का कानूनी बचाव BNS 22 में पूर्णतः समान है।