धारा 221 BNS VS धारा 186 IPC: लोक सेवक के लोक कृत्यों के निर्वहन (Discharge of public functions) में बाधा डालना
सजा (Punishment)
साधारण
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय (Non-Cognizable)
जमानतीय (Bailable)
जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 186
जो कोई किसी लोक सेवक के लोक कर्तव्यों के निर्वहन में स्वेच्छया बाधा (Obstruct) डालेगा… वह 3 मास के कारावास या ₹500 जुर्माने से दंडनीय होगा।
BNS (नया कानून)
धारा 221
जो कोई किसी लोक सेवक के लोक कर्तव्यों के निर्वहन में स्वेच्छया बाधा डालेगा… वह 3 मास के कारावास या ₹2,500 जुर्माने से दंडनीय होगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
सरकारी काम में बाधा डालना (Obstruction)! यदि आप ट्रैफिक पुलिसकर्मी, बिजली विभाग के अफ़सर, या किसी भी सरकारी बाबू के काम को जानबूझकर रोकते हैं (हाथ पकड़ लेना, फाइल छीन लेना), तो आप पर BNS 221 (IPC 186) लगती है (3 महीने की जेल)।
तुलना
सरकारी काम में बाधा। यह असंज्ञेय है (पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार नहीं कर सकती), लेकिन पुलिस अक्सर इसके साथ IPC 353 (BNS 132-बल प्रयोग) जोड़कर इसे संज्ञेय बना देती है।