धारा 227 BNS VS धारा 191 IPC: मिथ्या साक्ष्य देना (Giving false evidence)
सजा (Punishment)
परिभाषा
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 191
जो कोई शपथ द्वारा, या विधि के किसी अभिव्यक्त उपबंध द्वारा सत्य कथन करने के लिए… वैध रूप से आबद्ध होते हुए कोई ऐसा कथन करेगा जो मिथ्या (False) है… वह मिथ्या साक्ष्य देने का अपराधी कहा जाता है।
BNS (नया कानून)
धारा 227
जो कोई शपथ द्वारा, या विधि के किसी अभिव्यक्त उपबंध द्वारा सत्य कथन करने के लिए… वैध रूप से आबद्ध होते हुए कोई ऐसा कथन करेगा जो मिथ्या है… वह मिथ्या साक्ष्य देने का अपराधी कहा जाता है। (Penalty covered under 229)
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
अदालत में झूठ बोलना! IPC 191 (BNS 227) इसे परिभाषित करती है। जब आप जज के सामने गवाह (Witness) बनकर खड़े होते हैं, और आप जानबूझकर ऐसा बयान देते हैं जो आपको पता है कि झूठा है (जैसे 'हाँ मैंने उस आदमी को खून करते देखा', जबकि आपने नहीं देखा), तो आप अदालत को गुमराह कर रहे हैं।
तुलना
अदालत में या हलफनामे (Affidavit) पर झूठी घोषणा (Perjury) को परिभाषित करता है।