धारा 23 BNS VS धारा 85 IPC: उसकी इच्छा के विरुद्ध मत्तता (Intoxication)
सजा (Punishment)
साधारण अपवाद (अनिच्छित नशा)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 85
कोई बात अपराध नहीं है जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाती है जो मत्तता (नशा) के कारण… जानने में असमर्थ है, परंतु यह तब जब कि नशा उसे उसके ज्ञान या इच्छा के बिना दिया गया हो।
BNS (नया कानून)
धारा 23
कोई बात अपराध नहीं है जो ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाती है जो मत्तता (नशा) के कारण… जानने में असमर्थ है, परंतु यह तब जब कि वह चीज जिससे उसे नशा हुआ, उसे उसके ज्ञान या इच्छा के बिना दी गई हो।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यदि किसी ने आपको ज़बरदस्ती या धोखे से नशीली चीज़ खिलाकर आपसे अपराध करवाया है, तो आपको BNS 23 (IPC 85) के तहत बचाव मिलेगा। लेकिन याद रहे, 'जानबूझकर' किया गया नशा कभी बचाव नहीं हो सकता।
तुलना
अनिच्छित नशा (Involuntary Intoxication) का बचाव BNS में सुरक्षित है।