धारा 231 BNS VS धारा 195 IPC: आजीवन कारावास या कारावास से दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्धि कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देना
सजा (Punishment)
समतुल्य दंड
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
मुख्य मामले के अदालत के समान
IPC (पुराना कानून)
धारा 195
जो कोई आजीवन कारावास, या 7 वर्ष या उससे अधिक कारावास से दंडनीय अपराध (जैसे डकैती/बलात्कार/अपहरण) में दोषसिद्धि कराने के लिए साशय झूठा साक्ष्य गढ़ेगा… वह उसी दंड से दंडित किया जाएगा जो उस अपराध का है।
BNS (नया कानून)
धारा 231
जो कोई आजीवन कारावास, या 7 वर्ष या उससे अधिक कारावास से दंडनीय अपराध में दोषसिद्धि कराने के लिए साशय झूठा साक्ष्य देगा… वह उसी दंड से दंडित किया जाएगा जो उस अपराध का है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
Mirror Punishment (दर्पण सजा)! यदि आप किसी को 'बलात्कार' (10 वर्ष सजा) के झूठे आरोप में फंसाते हैं (फर्जी सबूतों के साथ), तो जब यह साबित होगा कि आपने साज़िश रची, तो BNS 231 (IPC 195) के तहत आपको भी 'बलात्कार' के बराबर की सजा (वही 10 साल) दी जाएगी।
तुलना
झूठे मुकदमों (False Implication) को रोकने के लिए ‘समान दंड’ का नियम।