धारा 232 BNS VS धारा 195A IPC: किसी व्यक्ति को मिथ्या साक्ष्य देने के लिए धमकी देना (Threatening witness)
सजा (Punishment)
कठोर या सादा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
सेशन कोर्ट
IPC (पुराना कानून)
धारा 195A
जो कोई किसी व्यक्ति को शरीर, ख्याति (reputation) या संपत्ति की क्षति की धमकी… इस आशय से देगा कि उसे मिथ्या साक्ष्य (False evidence) देने के लिए विवश किया जाए… (7 वर्ष)। यदि उसके कारण निर्दोष को मौत/उम्रकैद हो जाए, तो धमकी देने वाले को भी वही सजा।
BNS (नया कानून)
धारा 232
जो कोई किसी व्यक्ति को शरीर, ख्याति या संपत्ति की क्षति की धमकी… मिथ्या साक्ष्य देने के लिए विवश करने को देगा… (7 वर्ष)। यदि निर्दोष को मौत/अधिक सजा हो तो उसी के समान दंड।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
गवाहों को डराना-धमकाना! अगर कोई बाहुबली किसी गवाह (Witness) को डराता है कि 'कोर्ट में मेरे खिलाफ गवाही मत देना या झूठी गवाही देना, वरना तेरे बच्चों को मार दूंगा' - तो इस धमकी (Witness Intimidation) के लिए BNS 232 (IPC 195A) में सीधे 7 साल की जेल का प्रावधान है।
तुलना
गवाहों की सुरक्षा (Witness Protection) के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण ढाल है।