धारा 236-237 BNS VS धारा 199-200 IPC: विधि द्वारा साक्ष्य के रूप में लिए जाने वाले घोषणापत्र (Declaration) में झूठा बयान
सजा (Punishment)
समान
संज्ञेय (Cognizable)
असंज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 199-200
199: कोई ऐसी घोषणा (Declaration/Affidavit) जिसे कानून साक्ष्य के रूप में स्वीकार करता है, उसमें जानकर झूठा बयान (False statement) देना। 200: ऐसी झूठी घोषणा को असली के रूप में इस्तेमाल करना।
BNS (नया कानून)
धारा 236-237
236: कोई ऐसी घोषणा (Declaration) जिसे कानून साक्ष्य के रूप में स्वीकार करता है, उसमें जानकर झूठा बयान देना। 237: ऐसी झूठी घोषणा को असली के रूप में इस्तेमाल करना।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
झूठा हलफनामा (False Affidavit)! जब आप किसी सरकारी दफ्तर (पासपोर्ट, आय-प्रमाणपत्र या कोर्ट) में नोटरी से ₹100 के स्टाम्प पेपर पर 'एफिडेविट' बनाकर देते हैं कि 'मेरे खिलाफ कोई केस नहीं है', और बाद में वह बात झूठी निकलती है। तो BNS 236/237 (IPC 199/200) के तहत यह एक गंभीर अपराध माना जाएगा। (सजा: 3 से 7 वर्ष)।
तुलना
शपथ पत्र (Affidavit) की शुचिता (Sanctity) बनाए रखना। कोई बदलाव नहीं।